वार
वार सप्ताह का दिन है, पंचांग का सबसे सरल अंग। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए वार मध्यरात्रि पर नहीं, भोर में बदलता है।
सात वार
रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार। हर वार का एक ग्रह स्वामी है, उसी क्रम में जैसे पश्चिमी सप्ताह में।
दिन सूर्योदय से क्यों
हिंदू पंचांग में दिन एक सूर्योदय से अगले तक गिना जाता है। घड़ी से मंगलवार रात 3 बजे की घटना भी सोमवार के वार में आती है। यह वार-व्रतों, राहु काल (जो वार पर निर्भर है) और चौघड़िया के क्रम (जो सूर्योदय पर वार के स्वामी से शुरू होता है) के लिए महत्त्वपूर्ण है।
मुहूर्त में वार
सोम, बुध, गुरु और शुक्र अधिकतर कार्यों के लिए शुभ माने जाते हैं। मंगल कई कार्यों में, शनि कुछ में और रवि गृह प्रवेश जैसे कुछ में वर्ज्य है। Hastro के मुहूर्त नियम हर कार्य के लिए ये सूचियाँ रखते हैं।
FAQ
वाहन खरीद के लिए कौन सा वार अच्छा है?
अधिकतर सूचियाँ सोम, बुध, गुरु, शुक्र को शुभ और मंगल, शनि को वर्ज्य मानती हैं।
Hastro के कैलेंडर में वार सूर्योदय पर क्यों बदलता है?
क्योंकि यही पारंपरिक परिभाषा है। कैलेंडर ग्रिड खोजने की सुविधा के लिए तारीख से चलता है, पर हर गणना सूर्योदय-से-सूर्योदय दिन पर होती है।