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चौघड़िया

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है — अमृत, शुभ, लाभ, चल, उद्वेग, रोग और काल। यह गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत की रोज़मर्रा की मुहूर्त-सारणी है।

आज · दिल्ली · 2026-10-22

दिनशुभ06:26 – 07:50
दिनरोग07:50 – 09:15
दिनउद्वेग09:15 – 10:40
दिनचल10:40 – 12:05
दिनलाभ12:05 – 13:30
दिनअमृत13:30 – 14:55
दिनकाल14:55 – 16:19
दिनशुभ16:19 – 17:44
रातअमृत17:44 – 19:20
रातचल19:20 – 20:55
रातरोग20:55 – 22:30
रातकाल22:30 – 00:05
रातलाभ00:05 – 01:41
रातउद्वेग01:41 – 03:16
रातशुभ03:16 – 04:51
रातअमृत04:51 – 06:26

दिल्ली के लिए गणना। अन्य शहर

सारणी कैसे बनती है

सूर्योदय से सूर्यास्त का समय लगभग नब्बे मिनट के आठ समान भागों में कटता है, रात भी। दिन का पहला भाग वार के स्वामी का होता है, फिर क्रम ग्रहों का: सूर्य (उद्वेग), शुक्र (चल), बुध (लाभ), चंद्र (अमृत), शनि (काल), गुरु (शुभ), मंगल (रोग)। रात दिन के स्वामी से पाँचवें से शुरू होती है।

अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं; चल सम है, यात्रा के लिए ठीक; उद्वेग, रोग और काल वर्ज्य। वार का काल चौघड़िया कुछ दिनों राहु काल से मिलता है, सब दिनों नहीं।

Hastro में उपयोग

दिन का हर चौघड़िया मुहूर्त की उम्मीदवार खिड़की है। उद्वेग, रोग और काल की खिड़कियाँ हटा दी जाती हैं; शेष तिथि या नक्षत्र बदलने पर कटती हैं और कार्य के नियमों पर अंक पाती हैं। पंचांग पृष्ठ आपके शहर की पूरी दिन-रात सारणी दिखाता है।

FAQ

क्या चौघड़िया समय सब जगह एक है?

नहीं, यह स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर चलता है। 500 किमी पूर्व का शहर पूरी सारणी लगभग आधा घंटा पहले देखता है।

वार वेला, काल वेला और काल रात्रि क्या हैं?

कुछ पंचांग चौघड़िया के भीतर इन्हें भी अशुभ चिह्नित करते हैं। Hastro इन्हें डिफ़ॉल्ट रूप से नहीं लगाता।

संबंधित: राहु काल अभिजित मुहूर्त मुहूर्त वार

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